नालसा बनाम भारत संघ के वाद का इम्प्लीमेंट बढ़ाएगा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की मुस्किले
अभी भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी मेक इन इंडिया व युवाओ को रोजगार दिलाने की दवा की खोज कर ही रहे थे कि नालसा बनाम भारत संघ के वाद का निर्णय ने मोदी जी के संकल्प को कठिन और मुश्किलो भरा बना दिया तथा भारतीय दैनिक अख़बार भी जो बया कर रहे है वो भारतीय युवा शक्ति का छीड़ होता दृश्य को इंगित कर रहा है क्योकि रोज बहुत से युवा लोग रोजगार के आभाव में आत्महत्या का रास्ता चुन रहे है जो युवा भारत की पहचान को धुधिल कर रहा है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को बहुमत से भारत की सत्ता सौपने का उद्देश्य में रोजगार भारत का उद्देश्य समाहित था ऐसे में मोदी जी दवरा मेक इन इंडिया व युवाओ को रोजगार दिलाने की दवा की खोज आसान नहीं होगी
भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा भारतीय जनता से किया गया वादा कि भारत से बेरोजगारी को मिटाना और बेरोजगार जनता को रोजगार मुव्हिया करना, की राह और भी मुस्किल होने वाली है क्योकि सुप्रीम कोर्ट ने एक एहम और न्ययासंगत निर्णय में किन्नरों को (तीसरे लिंग) के रूप में मान्यता दे दी है जिसके दवरा भारत में रह रहे किन्नरो की स्थित सुधार आएगा और सरकारी नौकरी के फार्म में थर्ड लिंग का ओप्शन होगा जिससे किन्नेर लोग सरकारी नौकरी का फार्म भर सकेंगे और सरकारी पद को प्राप्त कर सकेंगे जिससे किन्नरों की समाज में अच्छी स्थित में लेन में सफल रहने की उम्मीद जताई जा रही है
ये वाक्या तो सभी ने सुना और कहा होगा गरीबी में आटा गीला आज ये वाक्या भारतीय बेरोजगार जानता पर अप्लाई हो रहा है सोचते हुए हसी आ रही है पर हालत तो यही कह रहे है पर नीरस होने की जरूरत नहीं है बस और मेहनत करनी होगी और सफलता मिलेगी क्योकि हम सबने ये वाक्या भी सुना है और कहा है कि कोशिस करने वाले की कभी हार नहीं होती यानि सफलता मिलती है