Sunday, 1 February 2015

दर्पण

 विधार्थी के जीवन ने गुरु एक दर्पण की तरह  है विधार्थी गुरु के बताय उपदेश को अपने जीवन में ढाल कर अपने जीवन को अच्छा बना सकता जिस प्रकार इंसान अपने शरीर दर्पण में  देख कर जो चीज उसे अपने शरीर में सही नहीं दिखती उसे वह ठीक कर लेता है  उदाहरण .... बाल  कंघी करना , चहरे पर क्रीम लगाना  आदि ( जिससे वह अच्छा दिखने लगता है )  जैसे- जैसे इंसान गुरु के बताय उपदेश को अपने जीवन में उतरने लगता है वैसे वैसे वह समाज में अच्छा दिखने लगता है ……

  

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