आतंकवादी संगठन की टोली में जाने से बचे
पिछले कुछ वर्षो से कभी कभी ये सुनने को मिलता था की किसी व्यक्ति को आतंकवादी संगठन के किसी आदमी द्वारा ब्रेनवाश कर के आतंकवादी संगठन में समलित कर लिया अब बात ये ध्यान देने योग्य है की जब बचपन से ही सभी बच्चो को देश विकाश ,समृद्धि का पाठ एवं देश विकाश ,समृद्धि करने को बतलाया जाता है तो किसी देश में आतंकवादी संगठन जैसे संगठन का निर्माण कैसे हो रहा है
ये गंभीर प्रश्न है की कोई व्यक्ति कैसे अपने स्वयं के देश का कैसे दुश्मन का रूप धारण कर लेता है और कैसे कोई आतंकवादी संगठन का व्यक्ति आतंकवादी संगठन को बढ़ाने के लिए कैसे ब्रेनवाश करते है लेकिन सोच की दूरदर्शिता से यह कहने में तनिक भी जिझक न होगी की जब अपने स्वयं के देश को उसी देश के निवासी का उसके विपरीत होना या जाना तो यानि कोई कमी है देश में जिसको उसे के नागरिक ने महसूस किया और अपने स्वयं के देश के विपरीत चला गया देश को उस कमी को दूर करना चाहिये ताकि उसके स्वम के नागरिक देश के दुश्मन न बने
ऐसे तमाम सी घटना तो आप ने अपनी जीवन में बहुत बार सुना होगा की सगे बेटे ने अपने पिता को मारा , सगे बेटे अपने पिता को घर से बाहर निकला ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि एक सगा बेटा अपने पिता को कैसे मार एवं घर से कैसे बाहर निकल सकता तो रिजल्ट कई बार ये अता है की पिता के कुछ ऐसे कामो ने उसे अपने पिता का विरोधी बनाया
किसी संगठन की मजबूती उसके संगठन के मेम्बर पर निर्भर करती है यदि उसके मेंबर को खत्म किया जाए तो कुछ समय बाद वह संगठन खत्म हो जायगा और इसी तरीके से किसी आतंकवादी संगठन को ख़त्म या छिण किया जा सकेगा इसके लिए किसी आतंकवादी संगठन में जाने से बचे और यकीन मानिये बहुत जल्द हमारी आखो के सामने हमारा हस्ता, खेलता ,सुन्दर, खुशाल देश होगा
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