Monday, 20 April 2015


               देश के सबसे बड़े पेपर की कोई एजुकेशन क्वालिफिकेशन नहीं 


 आज तक हमारे सिस्टम में ऐसी व्यवस्था पर जोर ही नहीं डाला कि देश के सबसे बड़े पेपर की कोई एजुकेशन क्वालिफिकेशन को निश्चित किया जाये देश के कुछ बड़े पेपर में निम्न पेपर CM, MLA, MLC, PM, president के पेपर है जिनकी क्वालिफिकेशन समान्यता निम्न है की  इन पेपर को देने वाला व्यक्ति वो भारत का नागरिक हो , उम्र पद के नियमा अनुसार हो , अन्य जो नियम के अनरूप हो भारतीय संविधान के कुछ अनुच्छेद 58-राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए क्वालिफिकेशन ,अनुच्छेद173- राज्य के विधान मंडल की सदस्यता के लिए क्वालिफिकेशन, अनुच्छेद 84- संसद की सदस्यता के लिए क्वालिफिकेशन  को बताता है पर एजुकेशन क्वालिफिकेशन को जगह नहीं देता है
                                                        बात स्पष्ट है की जब हमारे देश के सबसे बड़े पेपर की कोई एजुकेशन क्वालिफिकेशन नहीं और वो देश को चलने में समर्थ है तो क्या देश के तमाम पेपर उदाहरण क्लार्क , चपरासी आदि जिनका काम अपने अधिकारी की सेवा करना , पानी देना , फाइल देना आदि काम के लिए व्यक्ति की  एजुकेशन क्वालिफिकेशन जरुरी है , है तो क्यों
                                                       जब देश के सबसे बड़े पेपर की कोई एजुकेशन क्वालिफिकेशन नहीं है तो आशंका बानी रहती है की एक बिना पढ़ा  व्यक्ति भी देश को चलने की सामर्थ रखता है तो एक बिना  लॉ पढ़ा व्यक्ति निर्णय भी देने की शक्ति रखता है पर वर्तमान में निर्णय देने की शक्ति जज के हाथ में है  और जज के पद के लिए पेपर एवम  क्वालिफिकेशन को निश्चित किया गया है जो उपयुक्त प्रतीत होता है इसी प्रकार देश के सबसे बड़े पेपर की भी  एजुकेशन क्वालिफिकेशन को बनाया जाना चाहिए देश के सबसे बड़े पेपर की   एजुकेशन क्वालिफिकेशन में उम्मीदवार की कुछ ऐसी एजुकेशन क्वालिफिकेशन होनी जरुरी चाहिए जिससे प्रतीत हो की वह देश की रक्षा , विकाश को करने की पूरा सामर्थ है 

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